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रविवार को तीन लाख से अधिक भक्तों ने किए भगवान महाकाल के दर्शन
उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में नए साल की छुट्टियां शुरू होते ही आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। रविवार को तीन लाख से अधिक भक्तों ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। यात्रियों की भारी भीड़ के चलते शहर की होटल, लाज, यात्रीगृह फुल हो गए हैं। बाहर से आने वाले यात्री वाहनों को मंदिर से दो किलोमीटर दूर पार्क करवाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भीड़ की ऐसी स्थिति लगातार 5 जनवरी तक रह सकती है।
रविवार से स्कूलों में नए साल का अवकाश शुरू हो गया है। लोग साल के आखिरी सप्ताह में सैर सपाटे के लिए निकलने लगे हैं। इसका असर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में नजर आने लगा है। भगवान महाकाल के दर्शन के लिए शनिवार रात से देशभर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचने लगे थे। बाहर से आने वाले दर्शनार्थी रविवार को तड़के 4 बजे भस्म आरती दर्शन के लिए पहुंचने शुरू हो गए थे। मंदिर प्रशासन ने चलायमान व्यवस्था से भक्तों को भस्म आरती के दर्शन कराए। मंदिर प्रशासन के अनुसार, करीब 30 हजार भक्तों ने भस्म आरती के चलायमान दर्शन किए। इसके बाद से लगातार मंदिर में भक्तों की भीड़ बढ़ती गई। सुबह से देर शाम तक करीब तीन लाख भक्त भगवान के दर्शन कर चुके थे।
भीड़ बढ़ने पर परिसर में बंद किया प्रवेश
मंदिर प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए चारधाम मंदिर के सामने से प्रवेश की व्यवस्था शुरू कर दी थी। श्रद्धालुओं को चारधाम मंदिर के सामने से महाकाल महालोक होते हुए मानसरोवर फैसिलिटी सेंटर, टनल के रास्ते कार्तिकेय व गणेश मंडपम से भगवान के दर्शन कराए गए। एक स्थान पर भीड़ जमा ना हो, इसके लिए सुबह 7 बजे से परिसर में प्रवेश बंद कर दिया गया था।
मंदिर के आसपास की गलियां जाम, प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
महाकाल मंदिर के आसपास निर्माण कार्य चलने से दर्शनार्थियों को संकरी गलियों में से होकर गुजरना पड़ रहा है। इन गलियों में हार, फूल की दुकान संचालित करने वालों ने टेबलें लगा ली हैं। इससे रास्ता जाम हो गया है और दर्शनार्थियों को आवागमन में खासी परेशानी हो रही है। तंग गलियों में तिलक लगाने वाले तथा भिक्षुक यात्रियों को परेशान करते हैं। मंदिर व नगर निगम प्रशासन यात्रियों की इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को गलियों का अतिक्रमण हटाना चाहिए, जिससे यातायात सुगम हो सके।
इंदौर, भोपाल, देवास की ई रिक्शा चल रही शहर में
महाकाल महालोक बनने के बाद शहर में लोक परिवहन के साधनों की उपयोगीता बढ़ गई है। इसके चलते शहर में हजारों लोगों ने ई रिक्शा खरीद ली है। यही नहीं इंदौर, देवास व भोपाल तक के लोग ई रिक्शा लेकर उज्जैन आ गए हैं। प्रशासन को इस दिशा में भी निगरानी रखते हुए बाहर से आने वाले वाहनों के शहर में संचालन पर रोक लगाना चाहिए।